AIS/TIS में bank interest अलग दिख रहा है? सही tax year और bank records मिलाकर ही ITR भरें
AIS या TIS में savings account अथवा FD का interest आपकी अपनी calculation से ज्यादा दिखे तो सीधे वही संख्या ITR में copy न करें और न ही उसे अनदेखा करें। पहले bank-wise प्रमाण, Form 26AS और reporting period मिलाएँ। कई बार वजह joint account, duplicate reporting, अलग-अलग bank entries या TDS की प्रस्तुति होती है। कौन-सा कानून लागू होगा, यह भी tax year पर निर्भर करता है।

AIS और TIS का आंकड़ा क्या बताता है?
AIS में करदाता से जुड़ी कई financial information, जैसे TDS/TCS, tax payments और bank interest जैसी reported information दिखाई जा सकती है। TIS उस जानकारी को category-wise summary में दिखाता है; इसमें source से मिली रकम और processing के बाद की रकम में फर्क हो सकता है। Portal पर feedback देने की सुविधा है। फिर भी AIS/TIS पूरी आय-सूची नहीं है और उसमें हर सही transaction होना जरूरी नहीं। ITR में अपनी पूरी और सही कर-योग्य आय बताने की जिम्मेदारी taxpayer की रहती है।
इसलिए AIS को जाँच का संकेत मानें, अंतिम हिसाब नहीं। TIS/AIS में किसी रकम पर feedback देने से अपने-आप ITR की बाकी reporting पूरी नहीं हो जाती।
Interest mismatch की 5 आम वजहें
- एक से ज्यादा खाते: savings account, sweep FD, term deposit या पुराने/बंद खाते का interest अलग entries में आ सकता है।
- Joint account: bank ने PAN के आधार पर पूरी रकम दोनों खाताधारकों के AIS में report की हो सकती है; ownership और वास्तविक हक देखकर सही व्यक्ति की आय तय करें, अपने-आप आधा न बाँटें।
- Gross interest और TDS का भ्रम: interest की gross रकम आय होती है; काटा गया TDS अलग tax credit है। Net credit को interest income न मानें।
- अलग अवधि या duplicate entry: बैंक की reporting period, जमा की तारीख, duplicate source reporting या correction से AIS total अलग हो सकता है।
- गलत PAN या source विवरण: bank से account, PAN, interest certificate और correction status की पुष्टि लें।
एक उदाहरण: AIS ₹31,200, bank certificate ₹27,000
मान लें AIS में interest ₹31,200 है, जबकि आपके पास एक bank का certificate ₹27,000 का है। पहले बाकी savings accounts और FD certificates खोजें; ₹4,200 दूसरे खाते या sweep deposit का हो सकता है। फिर Form 26AS में TDS entries देखें और bank statement में interest credits से अवधि जाँचें। यदि रकम joint account की है, तो ownership और funds किसके थे उसका रिकॉर्ड देखें। यदि bank ने सचमुच duplicate या गलत PAN पर report किया है, तो statement और certificate के आधार पर bank से लिखित correction माँगें। केवल फर्क देखकर ₹4,200 घटा देना पर्याप्त नहीं; वजह का कागजी आधार रखें।
ITR से पहले यह मिलान करें
- हर bank और deposit की सूची बनाएं; कोई बंद या पुराना खाता छूटा तो नहीं, जाँचें।
- संबंधित financial/tax year के interest certificate और bank statements डाउनलोड करें।
- AIS के source-wise विवरण तथा TIS के reported/processed values देखें; एक ही source की duplicate entry पहचानें।
- Form 26AS में TDS amount मिलाएँ; TDS को interest income से घटाकर net income न लिखें।
- Joint account, co-owner या परिवार के खाते में वास्तविक ownership और funds के प्रमाण देखें।
- गलत source information पर AIS में सही feedback दें; acknowledgement और bank को भेजी correction request सुरक्षित रखें।
- सही tax year के नियम के तहत interest और लागू deductions की पुष्टि करके ITR computation पूरा करें।
यदि AIS में सूचना सही है लेकिन आपके पास कोई अलग account/certificate छूट गया था, तो feedback को गलत कहने के बजाय अपनी छूटी हुई आय जोड़ें। यदि source की रकम गलत या duplicate है, तो उपलब्ध कारण के अनुरूप feedback दें और source से correction का पीछा करें।
Income-tax Act: पुराने और नए section का आसान फर्क
Income-tax Act, 2025 को 1 अप्रैल 2026 से लागू किया गया है। इसका अर्थ यह नहीं कि पहले के हर financial year या assessment year पर नया Act पीछे से लागू हो गया। Tax year देखकर कानून चुनना जरूरी है।
- FY 2025–26 की आय / AY 2026–27 का return: यह पुरानी व्यवस्था के अंतर्गत है; अन्य स्रोतों की आय के लिए Income-tax Act, 1961 की section 56 और लागू deduction के लिए section 57 देखें।
- Tax Year 2026–27 और आगे, 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली अवधि: Income-tax Act, 2025 लागू है; अन्य स्रोतों से आय section 92 में और संबंधित deductions section 93 में व्यवस्थित हैं।
साधारण FD/savings interest आम तौर पर “other sources” में आता है, जब तक facts के अनुसार वह business income न हो। कौन-सी deduction उपलब्ध है, यह taxpayer की स्थिति और चुनी गई व्यवस्था पर निर्भर करता है; पुरानी section संख्या को नए tax year के return में ज्यों-का-त्यों न लिखें।
अगर AIS की रकम फिर भी गलत लगे
पहले source विवरण खोलें और bank/financial institution से account-wise certificate तथा PAN mapping माँगें। गलत, duplicate या किसी अन्य व्यक्ति से संबंधित entry हो तो उपलब्ध सही कारण के साथ AIS feedback भेजें और acknowledgement संभालें। यदि source संस्था को filing correction करनी है, तो उसका reference और follow-up सुरक्षित रखें। ITR में वास्तविक, सही आय बताएं; केवल feedback भेजकर सही आय को छोड़ें नहीं। Notice या portal mismatch का उत्तर देने से पहले AIS, 26AS, certificate और computation को एक साथ देखकर कारण स्पष्ट करें।
अपनी tax file में रखें ये कागज
- सभी savings/FD accounts के annual interest certificates;
- Relevant अवधि के bank statements और joint-account ownership/funds proof, जहाँ लागू हो;
- AIS/TIS डाउनलोड और feedback acknowledgements;
- Form 26AS तथा TDS certificates;
- Bank को भेजी correction request और उसका जवाब;
- Interest reconciliation sheet और ITR computation की अंतिम प्रति।
FAQ
क्या AIS में दिखी रकम को बिल्कुल वैसा ही ITR में भरना चाहिए?
नहीं। Source records से सत्यापन करें और सभी सही आय report करें। AIS में कमी या गलती हो सकती है; AIS के बाहर की आय भी बतानी पड़ सकती है।
Interest पर TDS कट गया, क्या बाकी रकम ही income है?
नहीं। TDS अलग tax credit है। Interest की gross रकम और TDS को अपने प्रमाण तथा लागू नियमों के अनुसार अलग-अलग दर्ज/मिलाएँ।
क्या joint FD का पूरा interest दोनों लोगों के ITR में डालना चाहिए?
सिर्फ नाम देखकर फैसला न करें। रकम किसकी है, funds किसने दिए, account की शर्तें और लागू नियम देखकर ownership तय करें; जरूरत हो तो प्रमाण सहित file review कराएँ।
AY 2026–27 पर नया Act लागू है?
नहीं, FY 2025–26 की आय के AY 2026–27 return पर पुराना 1961 Act लागू है। 1 अप्रैल 2026 से शुरू Tax Year 2026–27 के लिए 2025 Act की provisions लागू होती हैं।
AIS feedback देने से bank की गलती ठीक हो जाती है?
Feedback tax portal को आपकी जानकारी देता है; source institution से आवश्यक correction अलग से माँगें और प्रमाण सुरक्षित रखें। Feedback सही ITR filing का विकल्प नहीं है।
